बुधवार, 17 जुलाई 2024

वैद्युत सुरक्षा

विद्युतशक्ति लोगों को मार सकती है, अथवा तीव्र चोट पहुँचा सकती है और सम्पत्ति को हानि पहुँचा सकती है। तथापि, बिजली एवं वैद्युत उपस्कर के साथ अथवा के समीप काम करते समय, अपने, अपने कार्मिकों अथवा आसपास के अन्यों को पहुँचनेवाली चोट की जोखिम को विशेष रूप से घटाने के लिए आप सरल सावधानियॉं बरत सकते हैं।

जोखिम क्या हैं ??

बिजली के साथ काम करने की प्रमुख जोखिम हैं:

  • इलेक्ट्रोक्यूशन (तीव्र वैद्युत शाक के कारण मृत्यु) तथा बिजलीयुक्त भागों से सम्पर्क के कारण जलन
  • अनुचित भूसम्पर्कन के कारण वैद्युत शाक
  • अपर्याप्त तारण
  • क्षतिग्रस्त विद्युत रोधन
  • आर्द्र स्थितियॉं
  • क्षतिग्रस्त औजार तथा उपस्कर
  • दोषपूर्ण वैद्युत उपस्कर अथवा अधिष्ठापन से उत्पन्न आर्कन एवं आग के कारण चोट
  • अनुपयुक्त वैद्युत उपकरण से उत्पन्न विस्फोट अथवा स्थैतिक बिजली से उत्पन्न ज्वलनीय वाष्प अथवा धूल, उदाहरणार्थ फुहार पेइंट बूथ में

कार्यस्थल पर वैद्युत जोखिमों के लिए अनुपालनार्थ सावधानियों का सारांश

  • हमेशा वैयक्तिक संरक्षी उपस्करों(पीपीई) का उपयोग करें, जैसे (ए) हार्डहैट, (बी) रबड़ अथवा विद्युतरोधी दस्तानें और (सी) विद्युतरोधी वस्त्र। क्षतिग्रस्त पीपीई का उपयोग कभी नहीं करें।
  • सुनिश्चित करें कि कार्मिक सुरक्षित ढंग से वैद्युत उपस्कर के उपयोग को जानते हों
  • सुनिश्चित करें कि पर्याप्त सॉकेट उपलब्ध हैं। अफ्यूजित अडैप्टरों के प्रयोग से सुनिश्चित करें कि सॉकेट आउटलेट अधिभारित नहीं हैं, जिससे आग लग सकती है।
  • सुनिश्चित करें कि कोई पिछलगी केबिल नहीं रह गई हैं, जिससे लोग उलझकर गिरें
  • साफ करने अथवा समायोजन से पूर्व उपकरणों को स्विच ऑफ कर प्लग निकालें
  • सुनिश्चित करें कि लोग अपने कार्यस्थल के निकट वैद्युत तारों, केबिलों अथवा उपस्कर की जॉंच करें कि विद्युत अथवा किसी अन्य जोखिम से खतरे के चेतावनीपूर्ण संकेत तो नहीं हैं। कार्यस्थल के चारों ओर जॉंच की जानी चाहिए, व याद रखें कि वैद्युत केबिल दीवारों, फर्शों और छत के अंदर भी हो सकती हैं
  • सुनिश्चित करें कि बिजली का काम करनेवाले व्यक्ति को पर्याप्त निपुणता, ज्ञान एवं अनुभव हो। प्लग का दोषपूर्ण तारण खतरनाक हो सकता है एवं घातक दुर्घटना अथवा आग में परिणत हो सकता है
  • अगर उपस्कर त्रुटिपूर्ण लगे तो तुरंत उसका इस्तेमाल बंद कर दें- दक्ष व्यक्ति से उसकी जॉंच कराऍं
  • उपयोग करने से पहले सुनिश्चित करें कि कर्मचारियों द्वारा, अथवा भाडे या उधार पर कार्यस्थल पर लाया गया वैद्युत उपस्कर उपयोग के लिए उपयुक्त है एवं आवश्यकतानुसार रखरखाव के द्वारा उसकी उपयुक्तता बनी रहे
  • वैद्युत आपूर्ति तथा उपस्कर के बीच, विशेषतया बाहर काम करते हुए, अथवा आर्द्र अथवा सीमित स्थल में काम करते समय अपशिष्ट धारा युक्ति(आरसीडी) के प्रयोग पर विचार करें (एचएससी के कार्यस्थल पर वैद्युत सुरक्षा देखें)

उपरली वैद्युत लाइनें

  • उपरली विद्युत लाइनों के पास अथवा नीचे काम करने के खतरों की जानकारी रखें। यद्यपि मशीनरी अथवा उपस्कर उनका स्पर्श न कर रहे हों, बिजली उनसे स्फुरित हो सकती है
  • जब उपस्कर (उदा, सीढी, क्रेन जिब, टिप्पर लॉरी अंश अथवा चबूतरा युक्त खंभा) विद्युत लाइन से अल्पतम छ: मीटरों की दूरी के अंदर आती हो, बिना सलाह के, उनके नीचे काम न करें। कार्य प्रारंभ करने से पहले, लाइन मालिक से बात करें, यथा, बिजली कम्पनी, रेल्वे कम्पनी अथवा ट्राम प्रचालक

भूमिगत केबिलें

  • परिसर, पगडंडी और/अथवा इमारतों के पास खोदते समय हमेशा मानकर चलें कि केबिलें विद्यमान हैं
  • केबिलों के स्थान को निर्धारित करने के लिए स्थानीय वैद्युत/अनुरक्षण अभियंता से परामर्श करें।

स्थान

पता

नैनो एवं मृदु पदार्थ विज्ञान केन्द्र (सी ई एन एस)
पो.बॉ.सं.1329
प्रोफेसर यू आर राव रोड़, जालहल्ली
बेंगलूरु, 560 013
फोन: +91-80-2308 4200
फैक्स: +91-80-2838 2044
ईमेल: admin@cens.res.in

कार्यालय घंटे
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